बॉलीवुड की पहली स्टंटवुमन रेशमा की कहानी पर बनी फिल्म, कौन थी रेशमा पठान?


आपको शोले का वो सीन याद होगा जब डाकुओं से बचने के लिए फिल्म शोले में बसंती बनी हेमा मालिनी तांगे पर भाग रही होती हैं। इसका डॉयलॉग चल धन्नो! भी सबकी जुबान पर रहता था। बहुत कम लोगों को यह पता है कि यह सीन उनकी बॉडी डबल रेशमा ने किया था। रेशमा ने 1968 में एक स्टंट महिला के रूप में अपना करियर शुरू किया था। उस वक्त उनकी उम्र सिर्फ 14 साल थी। उसी रेशमा पठान के जीवन पर Zee 5 ने एक बायोपिक बनाई है। आठ मार्च को यह फिल्म ‘द शोले गर्ल- रेशमा पठान (The Sholay Girl- Reshma Pathan)’ के नाम से रिलीज हो रही है। फिल्म में रेशमा पठान का किरदार बिदिता बाग (Bidita Bag) निभा रही हैं।

फर्स्टपोस्ट को दिए इंटरव्यू में बिदिता ने बताया, “मैं रेशमा पठान की बायोपिक कर रही हूं, जिन्होंने फिल्म शोले में हेमा मालिनी के लिए स्टंट किए थे। मैं भारत की पहली स्टंटमैन रेशमा पठान की भूमिका निभा रही हूं। मैं हमेशा इस तरह की भूमिकाओं की तलाश में थी। मैं 2018 में मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग ले रही हूं।” बिदिता ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने इस सीन को बेहतर ढंग से करने के लिए तांगे वाले सीन को लगभग 100 बार देखा। उन्होंने रेशमा के लुक, वेशभूषा और बॉडी लैंग्वेज का भी काफी गहराई से अध्ययन किया। बिदिता इससे पहले ‘बाबूमोशाय बन्दुकबाज़’ में नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ और नेटफ्लिक्स की ‘वन्स अगेन’ में शेफाली शाह और नीरज कबी के साथ स्क्रीन पर दिखी थीं।

रेशमा पठान

पिछले दिनों ‘द शोले गर्ल’ का ट्रेलर भी रिलीज हुआ है। इसमें फिल्म शोले में बसंती के तांगा चेज़ सीन को दिखाया गया। भागते हुए तांगा पलट जाता है। उसके बाद अगले शॉट में हम देखते हैं कि तांगे में हेमा नहीं बल्कि रेशमा थी, जो खुद भी गंभीर रूप से घायल हो गई थी। टीज़र में उसे आग के बीच भागते हुए, लंबी छलांग लगाते हुए और कांच का शीशा तोड़ते हुए भी दिखाया गया है। चार दशक से अधिक के करियर में, रेशमा ने न केवल हेमा मालिनी बल्कि मीनाक्षी शेषाद्रि, श्रीदेवी, सायरा बानो और डिंपल कपाड़िया जैसी अभिनेत्रियों के लिए भी स्टंट किए हैं।

रेशमा 14 साल की उम्र से ही स्टंट करने लगीं थीं। शुरुआत साल 1968 में की और वह हीरोइनों की बॉडी डबल बन गईं। जब वे अपने परिवार के लिए घर से बाहर निकली तो घर के आर्थिक हालात बहुत बुरे थे। उनके पिता भी एक लड़की को काम करने के लिए भेजना नहीं चाहते लेकिन उनके पास कोई चारा नहीं था। जैसे-जैसे साल बीतते गए, उन्होंने घुड़सवारी, तलवार चलाना, लाठी लड़ना, कूदना और कार का पीछा करना जैसे अन्य स्टंट सीखे। उन दिनों फिल्मों में काम करना अच्छा नहीं माना जाता था और यह कहा जाता था कि अच्छे घर की लड़कियां सिनेमा में नहीं जाती थीं। धीरे-धीरे मीडिया की वजह से रेशमा पॉपुलर होती गईं। फिल्म पत्रिकाओं में उनका नाम और तस्वीरें आने लगीं।

देखिए द शोले गर्ल का टीज़र


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