“तुम मर्द निकालोगे घूंघट, जब राज हमारा आएगा”


अब से करीब 56-57 साल पहले एक फिल्म आई थी। नाम था ‘रिपोर्टर राजू‘। सन 1962 में रिलीज उसी फिल्म का यह गीत था, “तुम मर्द निकालोगे घूंघट, जब राज हमारा आएगा”। आज हम सुनते हैं तो इसमें कही गई बातें बड़ी सटीक लगती हैं। इस ब्लैक एंड व्हाइट फिल्म में यह गाना एक स्टेज शो में छेड़छाड़ वाले गीत की तरह फिल्माया गया था।

इतनी पुरानी फिल्म होने के बावजूद इसमें स्त्री मुक्ति का स्वर साफ झलकता है। इस गीत के लिरिक्स लिखे थे राजा मेंहदी अली खां ने। संगीत दिया था एस मोहिन्दर ने और गाया था मोहम्मद रफी और सुमन कल्याणपुर ने। देखिए इसके बोल कि ये आज के दौर में भी कितने प्रासंगिक हैं और गीतकार ने हल्के-फुल्के अंदाज में भी किस तरह अपनी बात रख दी है।

तुम मर्द निकालोगे घूंघट जब राज हमारा आएगा
तुम मर्द निकालोगे घूंघट जब राज हमारा आएगा

माथे पे तुम्हारे होगी बिंदिया और नाक में नथ लटका देंगे
और नाक में नथ लटका देंगे हम शान से ऑफिस जाएंगे
चौके में तुम्हें बिठला देंगे चौके में तुम्हें बिठला देंगे
हाथों में तुम्हारे रोता हुआ एकएक बच्चा पकड़ा देंगे
एक एक बच्चा पकड़ा देंगे

बंद करके चार दिवारों में ऊपर ये बोर्ड लगा देंगे
बुलबुलों मत रो यहां आँसू बहाना है मना
बुलबुलों मत रो यहाँ
लहराएगा सारी दुनिया में ये झंडा लाल चुनरिया का

लीजिए अब पूरा गीत भी सुन लीजिए –

https://youtu.be/tIDQu5I296I


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