Tuesday, December 6, 2022

रिश्तों को बनाना-संवारना सिखाने की ज़िम्मेदारी शिक्षकों की है सिर्फ अभिभावकों...

मेरा रंग के इस लेख में रेहाना कुरैशी सिखा रही हैं रिलेशनशिप बिल्डिंग के बारे में. वे लिखती हैं, मीनिंगफुल रिलेशन्स बनाना सिखाने की ज़िम्मेदारी आज के शिक्षक के कंधों पर है, ये अपेक्षा सिर्फ अभिभावकों से करना जायज़ नहीं।

महिलाओं को उनके अधिकार बताने वाली पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले

उषा यादव अशिक्षा,छुआछूत, सतीप्रथा,बाल विवाह जैसी कुरीतियों के प्रति आवाज उठाने वाली सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं को उनके अधिकारों की पहचान दिलाई। वे देश की...

बॉडी शेमिंग क्या है? क्यों इस सोच को खत्म करना जरूरी है?...

बॉडी शेमिंग (Body shaming meaning in Hindi) का अर्थ है किसी भी स्त्री, पुरुष, बच्चे या वृद्ध को उसके शरीर की किसी कमी या...

रोज़ा लक्ज़मबर्ग : जमीनी मुद्दों के साथ स्त्री मुक्ति का संघर्ष

वंदना चौबे मध्यवर्गीय स्त्रियाँ अपने अभावों और संघर्षों को अकेली झेलती हुई अक्सरहां आत्मग्रस्तता की शिकार होकर एक ख़ास तरह के 'अहं' के भीतर चली...
the married women review on meraranng

स्त्री अपनी यौनिकता पर बात करे तो पुरुषसत्ता असहज क्यों हो...

हमने 'द मैरिड वूमेन' नाम की सीरीज को चर्चा के लिए इसलिए चुना क्योंकि इस पर चर्चा कर करके जानना चाहते थे कि आखिर इस मुद्दे पर समाज इतना ढका छुपा क्यों है?
कॉरपोरेट में महिलाओं की नकारात्मक छवि से किसका नुकसान होगा?

कॉरपोरेट में महिलाओं की नकारात्मक छवि से किसका नुकसान होगा?

लड़कियां जी-तोड़ मेहनत कर रही हैं कारपोरेट में रात-दिन मेहनत के साथ खुद को स्थापित करने के लिए। इन सीरियल्स में नकारात्मक छवि से आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा ?
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